- दलितों पर हो रहे लगातार अत्याचार को देखते हुए संसद ने १६ अगस्त १९८९ में एक नया प्रभावी कानून बनाया जिसे आ.जा./अनु.जा अत्याचार निवारण अधिनियम १९८९ के नाम से जाना जाता है |इस अधिनियम में दंड का प्रावधान है |यह ३० जनवरी १९९० से भारत में लागू है | इस अधिनियम के ला |गू होने के उपरांत दलितों पर अत्याचार रुके नहीं बल्कि दिन प्रतिदिन बढते ही जा रहें हैं |
- ९-२- १९९१ १४ दलितों कि हत्या [किसान संघ द्वारा ] तिस्खोरा विहार
-२३-६-१९९१ १४ दलितों कि हत्या [सामंती गुंडों द्वारा ] देव सहियारा विहार
-२६-१२-१९९७ ९ '' '' '' '' '' '' '''' '' '' ''[सवर्ण फ्रंट द्वारा ]मीन बरसिया - -२६-३-१९९७ १० '' '' '' '' '' '' '' '' '' ''[रणबीर सेना द्वारा ]हैबस्पुर
- -१९९७ ६१ '' '' '' '' '' '' '' '' '' [रणबीर सेना ]
-२५-१-१९९७ २३ '' '' '' '' '' '' '' '' '' [रणबीर सेना ] शंकर बिगहा
१६-६-२००० ३३ '' '' '' '' '' '' '' '' '' [रणबीर सेना ]मियांपुर
आंकडो कि लिस्ट लंबी है \इन घटनावों से साफ जाहिर है कि कानूनी उपायों और सतही सुधारों से दलित उत्पीडन और अत्याचार का उन्मूलन संभव नहीं और ना अमीर खान के जैसे प्रोगामों से |
Monday, 23 July 2012
दलित उत्पीडन
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